भावनाओं का फायदा उठाकर भेजा QR कोड, कोरबा पुलिस ने जांजगीर-चांपा से दबोचा
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां आरोपियों ने मानवीय संवेदनाओं का फायदा उठाकर एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये ठग लिए। आरोपियों ने फोन पर खुद को परिचित बताते हुए मां के निधन की झूठी कहानी सुनाई और अंतिम संस्कार के लिए तत्काल पैसों की जरूरत बताकर क्यूआर (QR) कोड के माध्यम से रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। मामले में कोरबा पुलिस और साइबर सेल ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मां के अंतिम संस्कार के नाम पर मांगे पैसे
पुलिस के अनुसार, मामला कोरबी चौकी क्षेत्र का है। कोरबी निवासी 52 वर्षीय सुरेश चंद्र जायसवाल ने 3 जून को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 29 मई की सुबह एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को उनका परिचित बताते हुए कहा कि उसकी मां का निधन हो गया है और अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 40 हजार रुपये की आवश्यकता है।

QR कोड भेजकर खाते में कराई रकम ट्रांसफर
आरोपी ने भावुक अंदाज में बातचीत कर पीड़ित का विश्वास जीत लिया। इसके बाद उसने एक QR कोड भेजा और उसी पर 40 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा। परिचित समझकर पीड़ित ने बिना संदेह किए रकम भेज दी। बाद में ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

तकनीकी जांच से आरोपी गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद कोरबा पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान जांजगीर-चांपा जिले के रहने वाले दो युवकों के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान या संदिग्ध फोन कॉल पर भावनाओं में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान और जानकारी की पुष्टि अवश्य करें, ताकि साइबर ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।







