जेल सुरक्षा को लेकर कलेक्टर का बड़ा फैसला, ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध
बिलासपुर। केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने केंद्रीय जेल परिसर और उसकी परिधि से 500 मीटर तक के क्षेत्र को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक नो-फ्लाई जोन घोषित कर दिया है। इस आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी द्वारा ड्रोन का संचालन पूरी तरह निषिद्ध रहेगा।

जेल महानिदेशक के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई
जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि जेल सुरक्षा को लेकर जेल महानिदेशक की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हुए थे। निर्देशों के अनुरूप जेल परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित करने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर कलेक्टर ने आदेश जारी कर दिए हैं।
अनाधिकृत ड्रोन से सुरक्षा को खतरे की आशंका
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय जेल एक अत्यंत संवेदनशील और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण संस्थान है। जेल परिसर और आसपास अनधिकृत ड्रोन संचालन से बंदियों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा जेल सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए भी खतरा उत्पन्न होने की आशंका रहती है।
एसएसपी की सहमति के बाद लागू हुआ आदेश
प्रशासन के अनुसार यह निर्णय जेल प्रशासन के अनुरोध और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की सहमति के बाद लिया गया है। आदेश का उद्देश्य जेल परिसर में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, निगरानी या अवैध सामग्री की आपूर्ति जैसी संभावनाओं पर प्रभावी रोक लगाना है।
नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नो-फ्लाई जोन क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने या संचालन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों और संस्थाओं से आदेश का पालन करने की अपील की है।








