नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई टली
नई दिल्ली में कथित बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत रद्द करने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर बुधवार को होने वाली सुनवाई टल गई। ईडी द्वारा अतिरिक्त समय मांगे जाने के बाद मामले को आगे के लिए स्थगित कर दिया गया।

ईडी की मांग पर अदालत की नाराजगी
सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने ईडी की ओर से बार-बार स्थगन की मांग पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि जब मामले को सूचीबद्ध करने की मांग की जाती है और बाद में स्थगन मांगा जाता है, तो यह उचित प्रक्रिया नहीं है। पीठ ने यह भी कहा कि न्यायाधीश देर रात तक मामलों की फाइलों का अध्ययन करते हैं, इसलिए सुनवाई में अनावश्यक देरी ठीक नहीं है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती
ईडी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जमानत आदेश के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें चैतन्य बघेल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज मामले में जमानत दी गई थी।
हाईकोर्ट ने दी थी जमानत
जनवरी 2025 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा ने उन्हें जमानत प्रदान की थी। हाईकोर्ट ने माना था कि चैतन्य बघेल किसी आधिकारिक पद पर नहीं थे और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप मुख्य रूप से बयानों और परिस्थितिजन्य तथ्यों पर आधारित हैं।
ईडी के गंभीर आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि चैतन्य बघेल कथित शराब सिंडिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे और उन्होंने लगभग एक हजार करोड़ रुपये की अवैध धनराशि के संचालन में भाग लिया। एजेंसी के अनुसार, यह मामला शराब बिक्री में अवैध कमीशन, उत्पादन में अनियमितता और आबकारी राजस्व की हेराफेरी से जुड़ा है।
अन्य एजेंसियां भी कर रही जांच
इस कथित घोटाले की जांच केवल ईडी ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ एसीबी/ईओडब्ल्यू भी कर रही है। मामले में कई नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के खिलाफ चार्जशीट और अभियोजन शिकायतें पहले ही दाखिल की जा चुकी हैं।







