रकम लेने के बाद वाहन दूसरे को बेचा, पीड़ित को थमाया बाउंस चेक
जांजगीर-चांपा। जिले में फॉर्च्यूनर कार की खरीद-बिक्री के नाम पर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने वाहन सौदे के दौरान रकम लेने के बाद कार किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी और पैसे लौटाने के बजाय पीड़ित को ऐसा चेक दिया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया।
अक्टूबर 2024 में हुआ था सौदा
पुलिस के अनुसार, कोरबा जिले के सर्वमंगला नगर निवासी चंद्रप्रकाश जायसवाल ने चांपा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अक्टूबर 2024 में ग्राम करनौद निवासी विवेक डड़सेना के साथ फॉर्च्यूनर वाहन को गिरवी रखने अथवा खरीदने के लिए 20 लाख रुपये का सौदा तय हुआ था।पीड़ित ने आरोपी को पूरी रकम दे दी, लेकिन बाद में विवेक डड़सेना ने संबंधित वाहन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब चंद्रप्रकाश जायसवाल ने अपनी राशि वापस मांगी तो आरोपी ने भुगतान के लिए चेक दिया।
बैंक में चेक हुआ बाउंस
पीड़ित द्वारा चेक बैंक में जमा करने पर वह बाउंस हो गया। इसके बाद खुद को ठगी का शिकार महसूस करते हुए उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर चांपा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
मामले की जांच के दौरान आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश करता रहा। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने आरोपी की तलाश तेज की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की।
ग्राम करनौद से दबोचा गया आरोपी
लगातार निगरानी के बाद 19 जून को पुलिस ने ग्राम करनौद से आरोपी विवेक डड़सेना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी की वारदात स्वीकार कर ली।पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चेकबुक और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
अन्य मामलों की भी जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने इसी तरह किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी धोखाधड़ी तो नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







