केवल वरिष्ठता के आधार पर उच्च पद का प्रभार मांगने का अधिकार नहीं, गरियाबंद DEO नियुक्ति मामला
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के प्रभारी पदों पर नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्रभारी DEO की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सिर्फ वरिष्ठता के आधार पर कोई अधिकारी उच्च पद का प्रभार पाने का दावा नहीं कर सकता।
गरियाबंद में जूनियर अधिकारी को बनाया गया था प्रभारी DEO
मामला गरियाबंद जिले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति से जुड़ा था। यहां जूनियर अधिकारी राजेश चंद्राकर को प्रभारी DEO नियुक्त किया गया था। इस नियुक्ति को विकासखंड शिक्षा अधिकारी किशुन लाल मातवाले ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
वरिष्ठता को बनाया था आधार
याचिकाकर्ता की ओर से प्रभारी DEO के पद पर नियुक्ति को लेकर वरिष्ठता का आधार रखा गया था। उनका तर्क था कि वरिष्ठ अधिकारी को ही उच्च पद का प्रभार दिया जाना चाहिए। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया।
प्रभारी नियुक्ति में वरिष्ठता ही एकमात्र आधार नहीं
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि किसी उच्च पद का प्रभार दिया जाना नियमित पदोन्नति के समान नहीं है। केवल वरिष्ठता के आधार पर किसी अधिकारी को प्रभारी पद पर नियुक्त किए जाने का अधिकार नहीं बन जाता। सक्षम प्राधिकारी प्रशासनिक परिस्थितियों और अपने विवेक के आधार पर प्रभारी नियुक्ति कर सकता है।
याचिका हुई खारिज
कोर्ट के इस निर्णय के बाद प्रभारी DEO के रूप में राजेश चंद्राकर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज हो गई। इस फैसले को DEO-BEO स्तर पर होने वाली प्रभारी नियुक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।








