महिलाओं को बनाते थे निशाना, रेकी के बाद देते थे वारदात को अंजाम
बिलासपुर। शहर में महिलाओं के गले से सोने की चेन झपटने और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एसीसीयू और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में ओडिशा से संचालित इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में पांच ओडिशा के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी बिलासपुर का रहने वाला है।
दो वारदातों की जांच से खुला गिरोह का राज
पुलिस के अनुसार 15 जून को तोरवा थाना क्षेत्र की शिवधाम कॉलोनी में महिला संजू कुमारी के गले से सोने की चेन झपटने की घटना हुई थी। इसके अलावा सिरगिट्टी क्षेत्र में भी एक महिला के साथ मारपीट कर चेन लूटने का मामला सामने आया था। दोनों घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसमें एक ही गिरोह की संलिप्तता सामने आई।
बिना नंबर की स्कूटी बनी जांच का अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस को वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की नीली स्कूटी का सुराग मिला। इसके आधार पर पुलिस ने सिरगिट्टी के गणेश नगर में दबिश देकर स्थानीय आरोपी नवीन साहू को हिरासत में लिया। पूछताछ में नवीन ने कई अहम खुलासे किए और बताया कि वह ओडिशा से आने वाले अपराधियों को अपने घर में ठहराता था तथा वारदातों को अंजाम देने में उनकी मदद करता था।
सुबह के समय अकेली महिलाओं को बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले शहर के विभिन्न इलाकों में रेकी करते थे। इसके बाद सुबह के समय जब महिलाएं अकेली दिखाई देती थीं, तब उन्हें निशाना बनाकर चेन स्नेचिंग और लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। वारदात के बाद आरोपी तेजी से मौके से फरार हो जाते थे।
छह आरोपी गिरफ्तार, तीन अब भी फरार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सदस्य शिव सिंह, शक्ति प्रसाद, प्रमोद सिंह, अतुल मुंडा, बसंता खड़िया और नवीन साहू को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गिरोह के तीन अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
लूट और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज
गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ लूट, आपराधिक षड्यंत्र और संगठित अपराध से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।








