विभागीय सूचना मिलते ही सक्रिय हुई महिला एवं बाल विकास, पुलिस और चाइल्डलाइन की टीम
कोंडागांव। जिले के माकड़ी विकासखंड अंतर्गत ग्राम उलेरा में होने जा रहे एक बाल विवाह को प्रशासन की संयुक्त टीम ने समय रहते रोक दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस विभाग एवं चाइल्डलाइन की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत आवश्यक कदम उठाए।
नाबालिग वर की शादी की मिली थी सूचना
जानकारी के अनुसार उलेरा थाना क्षेत्र में बाल विवाह आयोजित होने की विभागीय सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश के निर्देश तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र सोनी के मार्गदर्शन में 23 जून 2026 को संयुक्त दल का गठन कर मौके पर कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम पंचायत उलेरा निवासी दुलेश (परिवर्तित नाम), जिसकी उम्र 18 वर्ष 10 माह है, का विवाह फरसगांव क्षेत्र की योगलता (परिवर्तित नाम), उम्र 20 वर्ष 5 माह, के साथ कराया जा रहा था। वर की आयु वैधानिक विवाह आयु से कम होने के कारण यह बाल विवाह की श्रेणी में आता था।
परिजनों को दी गई कानूनी जानकारी
संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों के परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसके लिए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जागरूकता के साथ रोका गया विवाह
टीम की समझाइश और हस्तक्षेप के बाद परिजनों ने विवाह कार्यक्रम को स्थगित करने पर सहमति जताई। अधिकारियों ने कहा कि जिले में बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
बाल संरक्षण के लिए सतर्क प्रशासन
महिला एवं बाल विकास विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल प्रशासन, पुलिस या चाइल्डलाइन को जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।








