सारंगढ़ विकासखंड की पहल, आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
सारंगढ़-बिलाईगढ़। कुष्ठ प्रभावित व्यक्तियों एवं उनके बच्चों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में विकासखंड सारंगढ़ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस पहल के तहत चयनित हितग्राहियों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाने की योजना तैयार की गई है।
12 हितग्राहियों का चयन, चांपा भेजा गया प्रस्ताव
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेन्द्र वैष्णव के नेतृत्व में कुल 12 हितग्राहियों का चयन किया गया है। इनका प्रस्ताव छत्तीसगढ़ वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर, चांपा को भेजा गया है।
1 से 2 वर्ष का निःशुल्क प्रशिक्षण और आवास सुविधा
चयनित हितग्राहियों को विभिन्न आईटीआई ट्रेडों में 1 से 2 वर्ष का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें निःशुल्क आवासीय छात्रावास सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ प्रभावित परिवारों और उनके बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण के बाद इन युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम
यह योजना सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे प्रयासों से समाज के कमजोर वर्गों को न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि उनका समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा।










