पंचायत विकास योजना और उन्नति सूचकांक पर हुआ दो दिवसीय प्रशिक्षण
बालोद। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजनांतर्गत जिला पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 18 एवं 19 जून 2026 को जिला पंचायत संसाधन केंद्र बालोद में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिला पंचायत के सभी नवनिर्वाचित सदस्य शामिल हुए।
16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन की दी गई जानकारी
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चंद्रवंशी के निर्देशानुसार आयोजित प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को 16वें वित्त आयोग की नवीन गाइडलाइन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया, पंचायत उन्नति सूचकांक और स्थानीय विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा की गई।
शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी हुआ मार्गदर्शन
कार्यक्रम में शासन की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। प्रतिभागियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 तथा वीबीजी रामजी (VBG Ramji) से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया गया, ताकि पंचायत स्तर पर योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि पर जोर
प्रशिक्षण का उद्देश्य नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पंचायत प्रशासन, विकास योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन की बेहतर समझ प्रदान करना था। विशेषज्ञों ने पंचायतों के समग्र विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जवाबदेही पर भी प्रकाश डाला।
उपसंचालक पंचायत की उपस्थिति में हुआ आयोजन
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन उपसंचालक पंचायत काव्या जैन की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से पंचायत प्रतिनिधि अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।










