डीजीएचएस खरीद मामले में एसीबी की एफआईआर से सामने आई भारी अनियमितताएं
नई दिल्ली। दिल्ली में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) से जुड़े 600 करोड़ रुपये के कथित खरीद घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) द्वारा दर्ज एफआईआर में दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए चिकित्सा आपूर्ति और उपकरणों की खरीद में 200 से 500 प्रतिशत तक लागत बढ़ाने (प्राइस इन्फ्लेशन) के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से लेकर ओआरएस तक में भारी कीमत बढ़ोतरी
एफआईआर के अनुसार, खरीद प्रक्रिया में कई चिकित्सा उपकरणों की कीमतों में असामान्य वृद्धि पाई गई है। पोर्टेबल एक्स-रे मशीन की खरीद में लगभग 230 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाई गई, जबकि बिस्तर की चादरों में 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
रेडियोलॉजिकल उपकरणों में भी बड़ा घोटाला
जांच में सामने आया है कि सी-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरण की कीमतों में 340 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई। वहीं, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) जैसी आवश्यक दवाओं की खरीद में लगभग 500 प्रतिशत तक लागत बढ़ाई गई।
एफआईआर में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख
एफआईआर, जिसकी प्रति ‘द ट्रिब्यून’ द्वारा प्राप्त की गई है, में यह संकेत दिया गया है कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए चिकित्सा खरीद प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन हुआ है।
जांच जारी, कई अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
मामले की जांच जारी है और कई स्तरों पर खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों की भूमिका और खरीद अनुमोदन प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।









