शिमला (हिमाचल प्रदेश)|देवभूमि हिमाचल प्रदेश में मानसून ने दस्तक क्या दी, मानो आसमान से आफत बरस पड़ी। बीते 24 घंटों के भीतर मानसून की आक्रामक हवाओं ने पूरे सूबे को अपनी आगोश में ले लिया है। जो बादल तपती गर्मी से राहत देने आए थे, वे अब पहाड़ों के लिए ‘काल’ बन चुके हैं। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में तबाही की खौफनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। पहाड़ों से गिरते भारी मलबे और पत्थरों ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
आसमान से गिरा पत्थर, थम गईं एक जिंदगी की सांसें
हिमाचल के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (landslides) का खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण कमजोर हुए पहाड़ों से पत्थरों के गिरने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसी दौरान एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां रास्ते से गुजर रही एक महिला के सिर पर अचानक पहाड़ से छूटा एक बड़ा पत्थर आकर लगा। चोट इतनी गंभीर थी कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और प्रशासन ने लोगों को बिना वजह पहाड़ों की तरफ न जाने की सख्त हिदायत दी है।
शिक्षा के मंदिर में घुसा सैलाब, सहम गए नौनिहाल
भारी बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। मैदानी और निचले इलाकों में स्थित एक सरकारी स्कूल में अचानक बाढ़ जैसा पानी घुस गया। देखते ही देखते स्कूल का खेल मैदान और क्लासरूम घुटनों तक पानी में डूब गए। गनीमत यह रही कि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए गए, वरना बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा सकता था। पानी भरने की वजह से स्कूल की संपत्तियों और जरूरी दस्तावेजों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
घरों के आंगन में पसरा पहाड़ों का मलबा
पहाड़ों के दरकने से केवल रास्ते ही बंद नहीं हुए हैं, बल्कि कई रिहाइशी इलाकों में भी आफत आ गई है। भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में कीचड़ और मटमैला मलबा लोगों के घरों के भीतर और आंगनों में घुस चुका है। कई मकानों की दीवारें ढहने की कगार पर हैं और लोग अपने ही आशियाने में खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। प्रभावित इलाकों में लोग बाल्टियों और फावड़ों की मदद से घरों से मलबा हटाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रही है।
मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: मौसम केंद्र शिमला (IMD) ने राज्य में अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले दो दिन यानी कल और परसों हिमाचल के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए बाकायदा ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों के पास जाने से पूरी तरह बचें, क्योंकि आने वाले 48 घंटे हिमाचल के लिए और भी भारी हो सकते हैं।









