कोर्ट ने क्यों ठुकराई अग्रिम जमानत?
मध्य प्रदेश|महाकुंभ से चर्चा में आई ‘वायरल गर्ल’ से शादी के मामले में आरोपी पति फरमान अली को बड़ा कानूनी झटका लगा है। मंडलेश्वर स्थित विशेष पॉक्सो कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर आरोपी को राहत देने से जांच प्रभावित हो सकती है और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
उम्र पर विवाद, ट्रायल में होगा फैसला
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दावा किया कि युवती बालिग है और दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि युवती नाबालिग है और उसके दस्तावेज इसकी पुष्टि करते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि पीड़िता की वास्तविक उम्र का अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।
गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला
फरमान अली के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अपहरण और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि युवती को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया और परिवार को उससे मिलने तक नहीं दिया गया। दूसरी ओर आरोपी पक्ष का कहना है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था और शादी आपसी सहमति से हुई।
अब आगे क्या होगा?
अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद फरमान की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है। अब मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में होगी, जहां दस्तावेजों, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि युवती बालिग थी या नाबालिग और आरोपी पर लगे आरोप कितने सही हैं।












