चुनाव आयोग पहुंचेगा बागी गुट
नई दिल्ली| पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज बड़ा सियासी घटनाक्रम होने जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) का बागी गुट नई दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा। इस प्रतिनिधिमंडल की मांग है कि पार्टी की नई कार्यकारिणी को आधिकारिक मान्यता दी जाए और संगठन पर उनके दावे को स्वीकार किया जाए।
58 विधायक ममता से अलग, पार्टी में बढ़ा संकट
दावा किया जा रहा है कि 80 में से 58 विधायक अब ममता बनर्जी के साथ नहीं हैं और बागी गुट का समर्थन कर रहे हैं। यही वजह है कि TMC के अंदर नेतृत्व की लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। बागी नेताओं का कहना है कि उनके पास बहुमत है, इसलिए पार्टी की कमान उन्हें मिलनी चाहिए।
चुनाव चिन्ह और संगठन पर भी दावा
सूत्रों के मुताबिक बागी गुट केवल नई कार्यकारिणी की मान्यता ही नहीं, बल्कि पार्टी के चुनाव चिन्ह और संगठन पर भी अपना अधिकार जताने की तैयारी में है। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की सुनवाई आने वाले दिनों में बेहद अहम मानी जा रही है।
ममता गुट भी पूरी तैयारी में
दूसरी ओर ममता बनर्जी के समर्थक इस पूरे घटनाक्रम को असंवैधानिक बता रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी की असली कमान अब भी ममता बनर्जी के पास है और बागी गुट का दावा कानूनी रूप से टिक नहीं पाएगा। दोनों गुटों के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।
क्या होगा चुनाव आयोग का फैसला?
अब सभी की नजर चुनाव आयोग पर टिकी है। अगर आयोग बागी गुट की दलीलों को स्वीकार करता है, तो TMC की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं यदि ममता गुट का दावा मजबूत माना जाता है, तो बागियों को बड़ा झटका लग सकता है। आने वाला फैसला पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।










