बलरामपुर-जशपुर में सर्पदंश का कहर, सोते समय बना लोगों का काल
बलरामपुर/जशपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के उत्तरी इलाकों में करैत सांप का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन दिनों के भीतर सर्पदंश की अलग-अलग घटनाओं में 6 लोगों की मौत ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। सबसे दर्दनाक घटना बलरामपुर जिले में सामने आई, जहां रात में खाट पर सो रहे दो भाइयों को जहरीले करैत ने डस लिया। वहीं जशपुर जिले में एक महिला भी सर्पदंश का शिकार हो गई। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है।
आधी रात का हमला, सुबह तक बुझ गए घरों के चिराग
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में लोग रोज की तरह रात को सोए हुए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि अंधेरे में छिपा करैत सांप मौत बनकर उनके बीच पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि खाट पर सो रहे दो भाइयों को सांप ने डस लिया। परिजनों को इसकी जानकारी तब हुई जब दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
जशपुर में महिला की मौत से पसरा मातम
इधर जशपुर जिले में भी सर्पदंश की एक और दर्दनाक घटना सामने आई। घर के आसपास मौजूद जहरीले सांप ने महिला को डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
बारिश बनी बड़ी वजह, घरों तक पहुंच रहे सांप
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश के कारण सांपों के बिलों में पानी भर रहा है। सुरक्षित जगह की तलाश में करैत जैसे जहरीले सांप अब रिहायशी इलाकों और घरों तक पहुंच रहे हैं। यही वजह है कि जमीन या खाट पर सो रहे लोग सबसे ज्यादा निशाने पर आ रहे हैं।
नींद में ही ले लेता है जान
करैत को भारत के सबसे खतरनाक सांपों में गिना जाता है। यह अधिकतर रात में सक्रिय रहता है और कई बार इसके काटने का दर्द भी तुरंत महसूस नहीं होता। जहर शरीर में फैलने के बाद सांस लेने में दिक्कत शुरू होती है और समय पर इलाज न मिलने पर मौत हो सकती है। विशेषज्ञों ने लोगों से सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। घरों के आसपास साफ-सफाई रखने, रात में मच्छरदानी का उपयोग करने और जमीन पर सोने से बचने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में हर मिनट कीमती होता है, इसलिए तत्काल चिकित्सा सहायता लेना ही जीवन बचाने का सबसे बड़ा उपाय है।













