स्थान: बिलासपुर/रायपुर, छत्तीसगढ़
करंट ने एक साथ उजाड़ दिए कई परिवार
छत्तीसगढ़ में बिजली का करंट एक ही दिन में पांच लोगों की जान ले गया। सबसे दर्दनाक हादसा बिलासपुर जिले में हुआ, जहां एक पूर्व सरपंच और उनके दो बेटों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं राजधानी रायपुर में अलग-अलग घटनाओं में दो मजदूर भी करंट की चपेट में आ गए और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसों के बाद दोनों जिलों में मातम का माहौल है।
बिलासपुर में पलभर में खत्म हो गया पूरा परिवार
बिलासपुर में हुए हादसे में पूर्व सरपंच अपने दो बेटों के साथ बिजली के करंट की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि करंट इतना तेज था कि तीनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
रायपुर में काम के दौरान दो मजदूरों की मौत
राजधानी रायपुर में भी बिजली का करंट दो मजदूरों के लिए काल बन गया। काम के दौरान वे अचानक हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए। साथी मजदूरों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद श्रमिकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हादसों के सही कारणों की जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लगातार हो रहे करंट से मौत के हादसों ने बिजली सुरक्षा और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बिजली लाइनों की नियमित जांच और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है।















