28 सप्ताह से अधिक के गर्भ का सुरक्षित चिकित्सकीय समापन कराने के निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुष्कर्म की शिकार 14 वर्ष 6 माह की एक नाबालिग बालिका को 28 सप्ताह से अधिक अवधि के गर्भ का चिकित्सकीय समापन (गर्भपात) कराने की अनुमति प्रदान की है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पीड़िता के स्वास्थ्य और हितों को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया।
सीएमएचओ को एक सप्ताह में कार्रवाई के निर्देश
जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने राजनांदगांव के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को निर्देश दिया है कि निर्धारित चिकित्सकीय मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक सप्ताह के भीतर गर्भपात की प्रक्रिया पूरी कराई जाए।
दो सप्ताह में पेश करनी होगी अनुपालन रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि आदेश के पालन के संबंध में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए।
पीड़िता के हित और स्वास्थ्य को दी प्राथमिकता
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए नाबालिग की शारीरिक और मानसिक स्थिति को प्राथमिकता दी। न्यायालय ने सुरक्षित चिकित्सकीय प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए संबंधित स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक सभी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, दुष्कर्म पीड़िताओं और नाबालिगों से जुड़े ऐसे मामलों में न्यायालय समय-समय पर चिकित्सा विशेषज्ञों की राय और पीड़िता के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए निर्णय देता है। हाईकोर्ट का यह आदेश भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।












