झारखंड पुलिस की दबिश से पहले हुआ फरार, बस और 40 से ज्यादा एम्बुलेंस के कारोबार में था शामिल
अंबिकापुर। झारखंड के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर आलम (60) पिछले 13 सालों से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पहचान छिपाकर रह रहा था। इस दौरान उसने यहां न सिर्फ अपना ठिकाना बनाया, बल्कि करोड़ों रुपए का कारोबार भी खड़ा कर लिया।
जानकारी के अनुसार, शब्बीर आलम अपने सहयोगी जावेद के साथ अंबिकापुर में रह रहा था। उसने एक स्थानीय बस संचालक के साथ साझेदारी कर बसों का कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे एम्बुलेंस सेवा के क्षेत्र में भी कदम रखा। बताया जा रहा है कि उसके नेटवर्क में 40 से ज्यादा एम्बुलेंस शामिल थीं।
अंबिकापुर में बनाया आलीशान मकान, करोड़ों का बनाया नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि शब्बीर आलम ने अंबिकापुर में आलीशान मकान भी बनवा लिया था। लंबे समय तक यहां रहने के दौरान उसने स्थानीय स्तर पर अपना प्रभाव और आर्थिक नेटवर्क मजबूत कर लिया था।
झारखंड पुलिस के अनुसार, शब्बीर आलम धनबाद के दोहरे हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है और वह घोषित भगोड़ा है।
छापेमारी से पहले भाग निकला गैंगस्टर
शब्बीर की तलाश में झारखंड पुलिस की टीम करीब तीन दिन पहले अंबिकापुर पहुंची थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की योजना बनाई थी, लेकिन छापेमारी से पहले ही उसे भनक लग गई और वह अपने साथी जावेद के साथ फरार हो गया।
अब झारखंड पुलिस और स्थानीय पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जांच कर रही है।













