राज्य और जिला स्तर के संकेतकों से मापी जाएगी प्रगति, ‘बस्तर अंजोर’ पहल की भी हुई शुरुआत
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की मौजूदगी में राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0 और मेटाडेटा हैंडबुक का भी विमोचन किया। इसके साथ ही बस्तर संभाग के समावेशी, अभिसरण आधारित और मापनीय विकास के लिए तैयार की गई अभिनव पहल ‘बस्तर अंजोर’ की शुरुआत भी की गई।
343 राज्य और 99 जिला संकेतकों से होगी निगरानी
एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क के माध्यम से राज्य में विकास कार्यों की प्रगति को अधिक प्रभावी तरीके से मापा और मॉनिटर किया जा सकेगा। इसके लिए राज्य स्तर पर 343 और जिला स्तर पर 99 संकेतक निर्धारित किए गए हैं।
इन संकेतकों के आधार पर विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे जरूरत के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
सतत विकास लक्ष्यों को मिलेगी गति
कार्यक्रम में बताया गया कि एसडीजी फ्रेमवर्क का उद्देश्य राज्य में सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी को मजबूत करना है।
इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।
‘बस्तर अंजोर’ से होगा क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बस्तर संभाग के लिए तैयार की गई ‘बस्तर अंजोर’ पहल का भी शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य बस्तर क्षेत्र में समावेशी और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देना है।
प्रशासन के अनुसार, इस पहल के जरिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।











