सुरक्षा कारणों से प्रशासन का बड़ा फैसला, बिना अनुमति ड्रोन संचालन पर होगी कार्रवाई
मुंगेली। जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुंगेली प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुंदन कुमार ने जिला जेल परिसर और उसके आसपास के 500 मीटर क्षेत्र को ‘नो ड्रोन फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
प्रशासन ने यह निर्णय जेल परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान समय में ड्रोन तकनीक का गलत इस्तेमाल कर असामाजिक तत्व सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए जेल क्षेत्र में ड्रोन संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर रोक
जारी आदेश के मुताबिक, जिला जेल के 500 मीटर के दायरे में किसी भी व्यक्ति, संस्था या निजी एजेंसी द्वारा बिना सक्षम अनुमति के ड्रोन, कैमरा लगे ड्रोन या किसी भी प्रकार के मानव रहित उड़ान उपकरण (यूएवी) का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
कलेक्टर ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि किसी शासकीय कार्य, सुरक्षा जांच या अन्य आवश्यक कार्य के लिए ड्रोन संचालन की जरूरत पड़ती है, तो संबंधित विभाग को पहले मुंगेली के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
जेल सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
प्रशासन का मानना है कि जेल जैसे संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन के जरिए निगरानी, आपत्तिजनक सामग्री पहुंचाने या सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने जैसी गतिविधियों का खतरा हो सकता है। इसी को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है।
मुंगेली प्रशासन ने आम नागरिकों और संस्थाओं से अपील की है कि वे आदेश का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन का उपयोग न करें। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।











