जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से सफल हुआ ऑपरेशन, बिना आर्थिक बोझ के मिला उपचार
सारंगढ़-बिलाईगढ़। सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे गोल्डन आवर कहा जाता है, घायल की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार की पीएम राहत (सड़क दुर्घटना पीड़ितों हेतु कैशलेस उपचार योजना) के तहत सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक सड़क हादसे के घायल को समय पर निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराया गया।
जानकारी के अनुसार, 2-3 जुलाई को सारंगढ़ तहसील के अमलीडीपा-कपिस्दा के पास भोजराम सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए योजना के तहत आवश्यक प्रक्रिया शुरू की। महज 24 घंटे के भीतर उपचार की स्वीकृति मिल गई और 4 जुलाई को घायल का सफल ऑपरेशन किया गया।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में जिले में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिशा पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव तथा आयुष्मान भारत के जिला समन्वयक रोशन सचदेव ने समन्वय स्थापित कर उपचार संबंधी सभी औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी कराईं।
प्रशासन के अनुसार, इस समन्वित प्रयास के चलते घायल भोजराम को बिना किसी आर्थिक बोझ के कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की जा रही है, ताकि गोल्डन आवर का अधिकतम लाभ मिल सके और गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाई जा सके।












