रकम लेने के बाद भी नहीं कराई रजिस्ट्री, जमीन किसी और के नाम करने का आरोप
दुर्ग। प्लॉट बेचने के नाम पर 8 लाख रुपये लेने के बाद जमीन की रजिस्ट्री नहीं करने और किसी अन्य व्यक्ति के नाम जमीन हस्तांतरित करने के मामले में पुलगांव पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

पीड़िता से लिए 8 लाख रुपये, फिर करने लगे टालमटोल
मामले के अनुसार, आर्य नगर कोहका भिलाई निवासी संतोषी मेश्राम की पहचान प्रदीप चतुर्वेदी के माध्यम से नोकेश देशमुख से हुई थी। इसके बाद संतोषी ने नोकेश देशमुख और उसकी पत्नी नेहा देशमुख निवासी वार्ड-3 दमोदा, बोरई चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव से 1240 वर्ग फीट प्लॉट खरीदने का सौदा किया था।

उक्त जमीन नेहा देशमुख के नाम पर थी। पीड़िता ने प्लॉट के लिए ऑनलाइन और नगद माध्यम से कुल 5 लाख 20 हजार रुपये आरोपियों को दिए थे। इसके बाद आरोपियों ने व्यावसायिक जरूरत बताकर और पैसे की मांग की, जिस पर पीड़िता ने अपनी मां श्यामवती जंघेल के खाते से 2 लाख 80 हजार रुपये और दे दिए।

जमीन किसी और के नाम रजिस्ट्री होने का चला पता
कुल 8 लाख रुपये लेने के बाद आरोपी रजिस्ट्री कराने में आनाकानी करने लगे। जब पीड़िता ने ऑनलाइन भुइंया ऐप के माध्यम से जमीन की जानकारी जांची तो उसे पता चला कि जिस प्लॉट का सौदा किया गया था, उसे आरोपियों ने थनोद निवासी मनीषा देवांगन के नाम पर रजिस्ट्री कर दिया है।

इसके बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलगांव पुलिस से की।
अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पति-पत्नी पर अन्य लोगों से भी जमीन बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। आरोप है कि दीपक कुमार चौबे, दुर्गा शर्मा और दिनेश कुमार पांडे से भी जमीन बिक्री का बयाना लेकर धोखा किया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणि शंकर चंद्रा के अनुसार, शिकायत के आधार पर पुलगांव पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी नेहा देशमुख और उसके पति नोकेश देशमुख को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।









