बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मृतक के बेटे को 4 लाख रुपये सहायता देने का आदेश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्राकृतिक आपदा से जुड़े मुआवजे को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आंधी, तेज बारिश या तूफान जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों के दौरान यदि कोई व्यक्ति पेड़ से गिरकर अपनी जान गंवाता है, तो ऐसी मौत को भी प्राकृतिक आपदा से हुई मृत्यु माना जाएगा।

इस फैसले के बाद ऐसे मामलों में मृतक के परिवार को राज्य सरकार की राहत नीति के तहत आर्थिक सहायता पाने का अधिकार होगा।

राजनांदगांव के मामले में सुनाया फैसला
बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल बेंच ने राजनांदगांव जिले के मोहला क्षेत्र से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य शासन को मृतक के बेटे को 4 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने सरकार को यह राशि 30 दिनों के भीतर प्रदान करने का आदेश दिया है।
प्राकृतिक आपदा की परिभाषा को लेकर अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि प्राकृतिक घटनाओं जैसे तेज आंधी, तूफान और भारी बारिश के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं भी आपदा की श्रेणी में आती हैं। यदि ऐसी परिस्थितियों में किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो पीड़ित परिवार को राहत सहायता से वंचित नहीं किया जा सकता।

परिवार को मिलेगा राहत नीति का लाभ
हाईकोर्ट के इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलेगी, जिनके परिजन प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण दुर्घटना का शिकार होते हैं। कोर्ट के आदेश के बाद सरकार को संबंधित परिवार को निर्धारित सहायता राशि प्रदान करनी होगी।









