मछलियों को खा जाता था मगरमच्छ, वन विभाग की जांच में सामने आई दोनों भाइयों की संलिप्तता
बिलासपुर। रतनपुर वन परिक्षेत्र के पचरा गांव में तालाब मालिक दो सगे भाइयों द्वारा मगरमच्छ को करंट लगाकर मारने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों भाई तालाब में मछली पालन करते थे और मगरमच्छ मछलियों को खा जाता था। इसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर मगरमच्छ को करंट लगाकर मार दिया। मगरमच्छ अनुसूची-1 का संरक्षित वन्यजीव है।
तालाब में मृत मिला था मगरमच्छ
घटना मंगलवार की बताई जा रही है। चांपी जलाशय के डूबान क्षेत्र के अंतर्गत पचरा गांव स्थित एक तालाब में मगरमच्छ मृत मिला था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत मगरमच्छ को तालाब से बाहर निकाला।
पोस्टमार्टम में करंट से मौत की पुष्टि
मृत मगरमच्छ का पोस्टमार्टम कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पीके चंदन ने किया। जांच में सामने आया कि मगरमच्छ की मौत प्राकृतिक कारणों से नहीं हुई, बल्कि विद्युत करंट लगने के कारण हुई थी। इसके बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के बाद दोनों भाइयों तक पहुंची वन विभाग की टीम
मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडेय और वनमंडलाधिकारी नीरज के मार्गदर्शन में वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही स्थानीय लोगों और मुखबिरों से लगातार जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान तालाब मालिक दोनों सगे भाइयों की संलिप्तता सामने आई।
न्यायालय ने भेजा जेल
वन विभाग ने दोनों आरोपित भाइयों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वन विभाग ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है।







