30 लाख में तय हुआ था सौदा, 10 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री के बाद करीब 29 लाख रुपये का भुगतान नहीं करने का आरोप
अंबिकापुर। शहर के गंगापुर क्षेत्र में जमीन सौदे के नाम पर एक 75 वर्षीय वृद्ध से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन युवकों ने 10 डिसमिल जमीन का सौदा करने के बाद कथित तौर पर 52 डिसमिल जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करा ली। इसके बाद 10 डिसमिल जमीन की एक महिला के नाम रजिस्ट्री करा दी गई, लेकिन जमीन मालिक को तय रकम का पूरा भुगतान नहीं किया गया।

पीड़ित वृद्ध की शिकायत पर मणिपुर थाना पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

30 लाख रुपये में तय हुआ था जमीन का सौदा
जानकारी के अनुसार, गंगापुर निवासी 75 वर्षीय रामरतन मुंडा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि खसरा नंबर 188/3 में स्थित उनकी 10 डिसमिल जमीन का सौदा पड़ोसी युवक हर्ष तिर्की ने 30 लाख रुपये में करने की बात कही थी। आरोप है कि हर्ष ने अपने दो साथियों अवधेश तिर्की और तरबिनुस एक्का को भी इस सौदे में शामिल किया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन बिक्री को लेकर उनके नाम से एग्रीमेंट तैयार कराया गया और एक महीने के भीतर पूरी रकम देने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, उन्हें एडवांस के रूप में केवल एक लाख रुपये दिए गए।

10 डिसमिल की जगह 52 डिसमिल की पावर ऑफ अटॉर्नी का आरोप
वृद्ध जमीन मालिक का आरोप है कि आरोपियों ने 10 डिसमिल जमीन के सौदे की आड़ में कथित तौर पर 52 डिसमिल जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करा ली। इसकी जानकारी मिलने पर रामरतन मुंडा ने इसका विरोध किया और 22 अप्रैल 2025 को पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त करा दी।
इसके बावजूद आरोप है कि 28 अप्रैल 2025 को 10 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री सविता मिंज नामक महिला के नाम कर दी गई।
करीब 29 लाख रुपये का भुगतान नहीं करने का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन की कुल कीमत 30 लाख रुपये तय हुई थी, जिसमें से केवल एक लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए। आरोप है कि शेष करीब 29 लाख रुपये अब तक उन्हें नहीं मिले हैं।
वृद्ध ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने विश्वास में लेकर दस्तावेज तैयार करवाए और जमीन की बिक्री की प्रक्रिया पूरी कर दी, लेकिन तय रकम का भुगतान नहीं किया गया।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज
शिकायत के बाद मणिपुर थाना पुलिस ने दस्तावेजों, एग्रीमेंट और जमीन से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने हर्ष तिर्की, अवधेश तिर्की और तरबिनुस एक्का के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराने के पीछे आरोपियों की क्या मंशा थी और जमीन की बिक्री व रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया में अन्य किन लोगों की भूमिका रही।
जमीन सौदे से पहले दस्तावेजों की जांच की अपील
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जमीन का सौदा करने से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें। बिना उचित कानूनी सलाह के किसी भी प्रकार का अधिकार पत्र या पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार न कराएं।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







