परिजनों ने ऑपरेशन में देरी को बताया मौत की वजह, अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सड़क हादसे में घायल मरीज की इलाज के दौरान मौत के बाद महाराणा प्रताप मार्ग स्थित नोबल हॉस्पिटल विवादों में घिर गया है। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए मरीज की हालत पहले से गंभीर होने की बात कही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

सड़क हादसे में घायल होने के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान अजय ताम्रकार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए नोबल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान इलाज के नाम पर उनसे पैसे जमा कराए गए, लेकिन मरीज का तत्काल ऑपरेशन नहीं किया गया।

ऑपरेशन में देरी का परिजनों ने लगाया आरोप
मृतक के परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन में देरी के कारण अजय ताम्रकार की हालत लगातार बिगड़ती गई। उनका आरोप है कि बाद में ऑपरेशन किया गया, लेकिन इसके बाद मरीज की मौत हो गई।

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। अस्पताल की ओर से कहा गया है कि मरीज की हालत पहले से ही गंभीर थी और उसके स्वास्थ्य से जुड़े कई जोखिम मौजूद थे। प्रबंधन का कहना है कि मरीज का इलाज चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार किया गया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मरीज की मौत के पीछे इलाज में किसी तरह की लापरवाही थी या उसकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति मौत का कारण बनी।









