ACB की छापेमारी में सामने आई थी बेहिसाब संपत्ति, कोर्ट ने सुनाया फैसला
अंबिकापुर। अंबिकापुर कलेक्ट्रेट में क्लर्क के पद पर कार्यरत रहे ऋषि सिंह को आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष सत्र न्यायालय ने 4 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चले इस मामले में कोर्ट ने आरोपी की ओर से संपत्ति के स्रोत को लेकर दिए गए स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना।
2013 में ACB ने घर पर मारा था छापा
मामला वर्ष 2013 का है, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने ऋषि सिंह के घर पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी को नगदी, जेवरात और अचल संपत्तियों से संबंधित कई जानकारी मिली थी।
वैध आय की तुलना में 1049 गुना अधिक संपत्ति
जांच में सामने आया कि क्लर्क के पास मिली संपत्तियों का मूल्य उनकी ज्ञात और वैध आय की तुलना में 1049 गुना अधिक था। ACB ने संपत्ति के स्रोत और आय के बीच बड़े अंतर को आधार बनाते हुए मामला दर्ज किया।
2018 में कोर्ट में पेश किया गया था अभियोग पत्र
जांच पूरी होने के बाद ACB ने वर्ष 2018 में विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत में अभियोग पत्र पेश किया था। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी अपनी कथित बेहिसाब संपत्ति के स्रोत का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा
मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष सत्र न्यायालय ने ऋषि सिंह को 4 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही मामले में उनकी ओर से मांगी गई जमानत को भी अदालत ने खारिज कर दिया।







