गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पुलिस का बड़ा खुलासा, हत्या और साक्ष्य छिपाने समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम दरमोहली में 21 वर्षीय युवक सरवन सिंह कुसराम की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआत में पेट दर्द, खून की उल्टी और दस्त के कारण हुई प्राकृतिक मौत बताया जा रहा था, जांच में वह अवैध शिकार के दौरान चली गोली से हुई मौत का मामला निकला।
मर्ग जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अब मामले में हत्या, साक्ष्य छिपाने, धमकी देने और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने नामजद 12 आरोपियों में से अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
अवैध शिकार के दौरान चली गोली
पुलिस के अनुसार, घटना 27 जून की है। शुरुआत में मृतक के परिजनों ने युवक की मौत बीमारी के कारण होने की जानकारी दी थी। इसके बाद बिना पोस्टमार्टम के ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हालांकि, बाद में मर्ग जांच के दौरान पुलिस के सामने कुछ नए तथ्य आए। मृतक के बड़े भाई पवन सिंह कुसराम ने पूरक बयान में बताया कि घटना वाले दिन गांव के कुछ लोग जंगल में जंगली जानवरों के अवैध शिकार की तैयारी कर रहे थे।
इसी दौरान आरोपी रामायण सिंह कुसराम ने अपनी भरमार बंदूक से फायर कर दिया। बंदूक से निकली गोली सीधे सरवन सिंह के सीने में जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बीमारी नहीं, गोली लगने से हुई थी मौत
पुलिस जांच में सामने आया कि युवक की मौत पेट दर्द, खून की उल्टी या दस्त के कारण नहीं हुई थी, बल्कि उसे गोली लगी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की।
जांच के आधार पर पुलिस ने कुल 12 आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। इनमें से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आरोपियों से पूछताछ जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के बाद गोली चलने की बात को छिपाने और मौत को बीमारी बताने में किन-किन लोगों की भूमिका थी। मामले में साक्ष्य छिपाने और धमकी देने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। પોલીસ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।








