जबरन बनवाया गया ‘सब अच्छा है’ वाला वीडियो?
नकटी गांव| रायपुर के नकटी गांव से विस्थापित किए गए परिवारों ने पुनर्वास को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रभावित लोगों का कहना है कि अधिकारियों ने उन्हें नए EWS आवास की तारीफ करते हुए वीडियो बनाने के लिए दबाव डाला। परिवारों का आरोप है कि उन्हें कहा गया, “मकान को अच्छा बोलो, नहीं तो सामान बाहर फेंक देंगे।”
EWS फ्लैट छोड़ वापस लौट रहे लोग
परिवारों का कहना है कि उन्हें जिन EWS फ्लैटों में बसाया गया, वहां मूलभूत सुविधाओं की कमी है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि रहने की स्थिति संतोषजनक नहीं होने के कारण वे फ्लैट छोड़कर फिर से अपने गांव नकटी लौट रहे हैं। उनका कहना है कि वे ऐसी जगह नहीं रह सकते जहां उन्हें सम्मान और सुविधाएं दोनों न मिलें।
पुनर्वास पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने पुनर्वास का दावा तो किया, लेकिन जमीन पर व्यवस्थाएं अधूरी हैं। उनका आरोप है कि समस्याएं बताने पर सुनवाई के बजाय उन पर चुप रहने और सकारात्मक बयान देने का दबाव बनाया गया। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था की गई है और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।
पहले बुलडोजर, अब पुनर्वास पर विवाद
गौरतलब है कि हाल ही में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए नकटी गांव में कई मकानों पर कार्रवाई हुई थी। इसके बाद प्रभावित परिवारों को EWS फ्लैटों में शिफ्ट किया गया, लेकिन अब पुनर्वास की गुणवत्ता और कथित दबाव के आरोपों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। यह मुद्दा प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है।











