CPI(M) ने सभी दलों और लोगों से एकजुट होकर राज्य का दर्जा बहाल करने की अपील की
जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन में अब CPI(M) भी शामिल होगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के निमंत्रण का स्वागत करते हुए CPI(M) के प्रदेश सचिव मोहम्मद अब्बास राठेर ने राज्य के दर्जे की बहाली के लिए सभी राजनीतिक दलों, संगठनों और आम जनता से एकजुट होने की अपील की है।

अनुच्छेद 370 और 35A हटाने के फैसले की आलोचना
मोहम्मद अब्बास राठेर ने केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 और 35A हटाने तथा जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने इसे केंद्र सरकार का एकतरफा निर्णय बताते हुए कहा कि यह फैसला जम्मू-कश्मीर के हितधारकों से बिना सलाह-मशविरा किए लिया गया था।

उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल या क्षेत्र का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे जम्मू-कश्मीर के हर समुदाय, जाति और वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं।

चुनी हुई सरकार के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप
CPI(M) नेता ने आरोप लगाया कि राज्य का दर्जा बहाल करने के वादे को पूरा करने के बजाय केंद्र सरकार ने 12 जुलाई 2024 को ट्रांजैक्शन ऑफ बिजनेस रूल्स में बदलाव किया।

उन्होंने कहा कि इन बदलावों से उपराज्यपाल को पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IPS और IFS) के अधिकारियों की नियुक्ति और तबादलों से जुड़े अधिक अधिकार मिले हैं। इससे चुनी हुई सरकार के अधिकारों पर असर पड़ता है।

देरी से बढ़ेगी लोगों में नाराजगी
राठेर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देना संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के हित में है। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य का दर्जा बहाल करने में और देरी होने से लोगों में नाराजगी और निराशा बढ़ सकती है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से इस मांग को लेकर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।







