अंधविश्वास और लालच का खतरनाक जाल
देश में साइबर और अंधविश्वास से जुड़ी ठगी के मामलों के बीच एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले पीड़िता को जिन्न, प्रेत-बाधा और तंत्र-मंत्र का भय दिखाकर अपने झांसे में लिया। इसके बाद ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 85 लाख रुपये ठग लिए। जब पीड़िता ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने भावनात्मक दबाव बनाने के लिए अपने हाथ की नस काट ली और धमकियां देने लगा।
‘जिन्न नाराज हुआ तो पति का एक्सीडेंट हो जाएगा’
आरोपियों ने महिला को विश्वास दिलाया कि उस पर और उसके परिवार पर जिन्न और प्रेत-बाधा का साया है। उन्होंने दावा किया कि यदि विशेष पूजा-पाठ और अनुष्ठान नहीं कराए गए तो उसके पति का गंभीर एक्सीडेंट हो सकता है और परिवार पर बड़ी विपत्ति आ जाएगी। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने बार-बार अलग-अलग कारण बताकर लाखों रुपये ऐंठ लिए।
ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा
अंधविश्वास के साथ-साथ आरोपियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर भी पीड़िता को अधिक रिटर्न का सपना दिखाया। फर्जी निवेश योजनाओं और कथित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार पैसे जमा कराए गए। देशभर में इस तरह के ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही है।
पैसे वापस मांगने पर रचा नया ड्रामा
जब पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ और उसने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने खुद को नुकसान पहुंचाने का नाटक किया। उसने अपने हाथ की नस काट ली और पीड़िता को मानसिक रूप से डराने और दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि वह पुलिस में शिकायत न करे और पैसे मांगना छोड़ दे।
पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, लेन-देन और ऑनलाइन नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं।
लोगों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों और पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा तंत्र-मंत्र, जिन्न, प्रेत-बाधा या चमत्कार के नाम पर पैसे मांगना ठगी का संकेत हो सकता है। वहीं, ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश में असामान्य मुनाफे का वादा करने वाले अनजान लोगों और फर्जी प्लेटफॉर्म से भी सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।










