परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का लगाया आरोप, समय पर रेफर नहीं करने से बिगड़ी हालत
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जुड़वा बच्चों में से एक नवजात की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे समय पर बेहतर इलाज के लिए रेफर नहीं किया गया।

16 साल बाद घर में आई थी खुशियां
मामला आयुष्मान चिकित्सालय, शारदा विहार का है। परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा की पत्नी ने 17 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। शादी के करीब 16 साल बाद जुड़वा बच्चों के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था। परिजनों के अनुसार, जन्म के समय दोनों बच्चों का वजन सामान्य था।

कुछ घंटों बाद बिगड़ने लगी तबीयत
बताया गया कि जन्म के कुछ घंटे बाद एक नवजात के शरीर पर पीलिया के लक्षण दिखाई देने लगे। परिजनों ने तत्काल ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को इसकी जानकारी दी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और परिजनों को आश्वासन देकर इलाज जारी रखा।

इसके बाद नवजात की हालत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों का आरोप है कि जब बच्चे की स्थिति बेहद गंभीर हो गई, तब उनके दबाव के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया।

दूसरे अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
परिजन नवजात को आनन-फानन में दूसरे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
ओझा परिवार ने आरोप लगाया कि यदि नवजात को समय रहते बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और बच्चे की गंभीर स्थिति को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।








