मैनहट्टन में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर हुई दर्दनाक घटना
नई दिल्ली/मैनहट्टन। चीन के कब्जे के विरोध में प्रदर्शन कर रहे एक तिब्बती व्यक्ति ने गुरुवार शाम न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर आत्मदाह कर लिया। यह भयावह घटना लाइवस्ट्रीम फुटेज में कैद हो गई, जिसने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
प्रदर्शनकारी की पहचान लोब्गा रंगज़ेन के रूप में
रिपोर्ट के अनुसार, आत्मदाह करने वाले व्यक्ति की पहचान एक मित्र द्वारा लोब्गा रंगज़ेन के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि घटना के समय उसने मठवासी पोशाक पहन रखी थी और सड़क पर तिब्बती ध्वज रखा हुआ था। यह घटना शाम के व्यस्त ट्रैफिक के दौरान हुई।
कुछ ही मिनटों में गंभीर रूप से झुलसा व्यक्ति
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आत्मदाह के बाद लगभग एक मिनट के भीतर वह व्यक्ति जमीन पर गिर पड़ा। इस दौरान सड़क पर गुजर रहे वाहन हॉर्न बजाते रहे। करीब 15 सेकंड बाद दो प्रथम प्रतिक्रिया कर्मी मौके पर पहुंचे और अग्निशामक यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
अमेरिका में लंबे समय से रह रहा था प्रदर्शनकारी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि लोब्गा रंगज़ेन लगभग 20 वर्षों से अमेरिका में रह रहा था। घटना के बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
तिब्बत मुद्दे को लेकर बढ़ा तनाव
इस घटना ने एक बार फिर तिब्बत मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर हुई इस आत्मदाह की घटना को मानवाधिकार और राजनीतिक विरोध के गंभीर रूप के रूप में देखा जा रहा है।
जांच जारी
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी वीडियो फुटेज व साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।









