घटना के समय असम यात्रा पर होने का दावा, प्रकरण से नाम हटाने की मांग
दुर्ग। दुर्ग जिले में एक युवक को आपराधिक मामले में कथित रूप से झूठा फंसाए जाने का मामला सामने आया है। रुआबांधा सेक्टर निवासी एक पिता ने जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आवेदन सौंपकर अपने पुत्र प्रखर चंद्राकर का नाम मामले से हटाने की मांग की है। उनका दावा है कि घटना के समय उनका बेटा दुर्ग में मौजूद नहीं था, बल्कि अपने दोस्तों के साथ असम यात्रा पर गया हुआ था।

आवेदन में पिता ने बताया कि 1 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे प्रखर चंद्राकर अपने दोस्तों शुभम साव, अंकित प्रजापति और सोनू वर्मा के साथ कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन के लिए असम रवाना हुआ था। उन्होंने बताया कि सभी लोग सीजी 07 सीटी 9997 नंबर की काले रंग की क्रेटा कार से यात्रा कर रहे थे।

यात्रा के साक्ष्य होने का दावा
पिता का कहना है कि यात्रा का मार्ग दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, संबलपुर और कोलकाता होते हुए असम तक का था। उन्होंने दावा किया कि उनके पास यात्रा से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि घटना के समय प्रखर दुर्ग में नहीं था।

निष्पक्ष जांच की मांग
आवेदन में पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की गई है। पिता ने कहा कि बिना पर्याप्त जांच के उनके बेटे का नाम मामले में शामिल किया गया है, जिससे उसकी छवि और भविष्य प्रभावित हो सकता है।

फिलहाल पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










