17 साल 5 महीने की नाबालिग लड़की की शादी की थी तैयारी, बाल संरक्षण टीम ने की कार्रवाई
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रशासन की सतर्कता से एक बाल विवाह होने से पहले ही रोक दिया गया। कुरुद विकासखंड के एक गांव में नाबालिग लड़की की शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। घर में हल्दी और मेहंदी की रस्में भी हो चुकी थीं और बारात गांव पहुंच गई थी, लेकिन जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीम ने मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवा दिया।

सूचना मिलते ही गांव पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार, जिला बाल संरक्षण विभाग को सूचना मिली थी कि कुरुद क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग लड़की का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीम पुलिस के सहयोग से तत्काल गांव पहुंची।

जब टीम मौके पर पहुंची, तब तक शादी की अधिकांश तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। घर में शादी का माहौल था और बारात भी पहुंच चुकी थी। प्रशासनिक टीम के पहुंचने के बाद गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

जांच में नाबालिग निकली लड़की की उम्र
जिला बाल संरक्षण अधिकारी यशवंत बैस ने बताया कि टीम ने लड़की के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत की। जांच के दौरान सामने आया कि लड़की की उम्र 17 वर्ष 5 माह है, जबकि लड़के की उम्र 18 वर्ष है।

नाबालिग होने के कारण टीम ने परिवार को बाल विवाह कानून की जानकारी दी और विवाह की प्रक्रिया को तत्काल रुकवा दिया।
परिवार को दी गई समझाइश, आगे की कार्रवाई जारी
प्रशासन ने परिवार को समझाया कि कम उम्र में विवाह कानूनन अपराध है और इससे बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। टीम ने आवश्यक दस्तावेज और जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने में सहयोग करें और ऐसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें।









