दरभा के कुरंदी गांव में मिले बड़े पगमार्क, ट्रैप कैमरों और सर्चिंग से हो रही निगरानी

बस्तर। जिले के दरभा क्षेत्र के कुरंदी गांव में करीब एक दशक बाद बाघ की संभावित मौजूदगी ने ग्रामीणों और वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। खेतों और जंगल के किनारे बड़े आकार के ताजा पगमार्क मिलने के बाद वन विभाग ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है। टीमों को लगातार जंगल में सर्चिंग के लिए लगाया गया है और वैज्ञानिक जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मिले निशान बाघ के हैं या किसी अन्य बड़े वन्यजीव के।

पहले भी सामने आ चुका है बाघ का मूवमेंट
वन विभाग के अनुसार, कुछ दिन पहले केकरा-चेरबेहार क्षेत्र में भी बाघ के मूवमेंट की जानकारी मिली थी। इसके बाद से विभाग ने निगरानी और तेज कर दी है। जंगल में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और वनकर्मी लगातार क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

ग्रामीणों में दहशत, खेतों और जंगल की ओर जाना किया कम
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से लगे जंगल में बड़े आकार के ताजा पंजों के निशान मिले हैं। निशान इतने स्पष्ट हैं कि लोगों को बाघ की मौजूदगी की आशंका है। इसके चलते ग्रामीणों ने शाम ढलने के बाद जंगल और खेतों की ओर जाना कम कर दिया है। वहीं, मवेशियों को भी खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित बाड़ों में बांधा जा रहा है।

10 साल पहले भी हुआ था हमला
कुरंदी वही इलाका है, जहां करीब 10 वर्ष पहले भी बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई थी। उस दौरान बाघ ने एक ग्रामीण पर हमला भी किया था। अब एक बार फिर बड़े पगमार्क मिलने के बाद वन विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है और लोगों से जंगल की ओर अकेले न जाने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग को देने की अपील की है।








