शिकार किए गए साही के मांस को आपस में बांटकर रखा था, सभी आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए
महासमुंद। वन्यजीवों के अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय के मार्गदर्शन और उपवन मंडलाधिकारी गोविंद सिंह के नेतृत्व में बागबाहरा वन परिक्षेत्र की टीम ने साही (इंडियन पॉर्कुपाइन) के अवैध शिकार के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

आरक्षित वन क्षेत्र में किया गया था शिकार
वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि रैताल बीट के आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 154 में साही का अवैध शिकार किया गया है।

सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने तत्काल जांच शुरू की। विवेचना और पूछताछ के दौरान ग्राम नवाडीह (खम्हरिया) के पांच लोगों की संलिप्तता सामने आई।

मांस काटकर आपस में बांटा
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर शिकार किए गए साही के मांस को काटकर आपस में बांट लिया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22666/05, दिनांक 13 जुलाई 2026 दर्ज किया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2(16), 9, 39, 50 और 51 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।
वन विभाग ने गिरधारी गोंड, लोकनाथ गोंड, नागेश्वर गोंड, सियाराम राजपूत और नरसिंह कुमार को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।









