धमतरी के अंगेश्वर कुर्रे ने उन्नत नस्ल की 25 गायों से खड़ा किया सफल डेयरी व्यवसाय
धमतरी। जिले के कुरूद विकासखंड के ग्राम करगा निवासी अंगेश्वर कुर्रे ने मेहनत, पशुपालन की आधुनिक तकनीकों और शासन की डेयरी उद्यमिता योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी है। कभी सीमित संख्या में देशी गायों के साथ कम दूध उत्पादन और कम आमदनी से शुरुआत करने वाले अंगेश्वर आज सफल डेयरी व्यवसायी बन चुके हैं।
उन्नत नस्ल की गायों से बढ़ा दूध उत्पादन
अंगेश्वर कुर्रे ने पशुधन नस्ल सुधार और वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों को अपनाते हुए अपने डेयरी व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में वे लगभग 25 उन्नत नस्ल की गायों का पालन कर रहे हैं। इससे दूध उत्पादन में बढ़ोतरी हुई और उनकी आमदनी भी पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
परिवार की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
डेयरी व्यवसाय के विस्तार से अंगेश्वर कुर्रे ने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि पशुपालन को एक स्थायी और बेहतर आजीविका के रूप में स्थापित किया है। मेहनत और सही तकनीक के जरिए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार की मिसाल पेश की है।
दूसरों के लिए भी बना रोजगार का जरिया
अंगेश्वर का डेयरी व्यवसाय अब केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। पशुओं की देखभाल और डेयरी से जुड़े कार्यों में अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उनकी सफलता ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए पशुपालन को आय का मजबूत माध्यम बनाने की प्रेरणा दे रही है।
अंगेश्वर कुर्रे की कहानी बताती है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग, वैज्ञानिक तकनीक और निरंतर मेहनत के जरिए ग्रामीण क्षेत्र में भी डेयरी व्यवसाय को सफल उद्यम के रूप में विकसित किया जा सकता है।







