गली-मोहल्लों से लेकर वीआईपी रोड तक सक्रिय नेटवर्क, समाजसेवियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
रायपुर। राजधानी रायपुर में सट्टा, जुआ और नशे के अवैध कारोबार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के कई इलाकों में खुलेआम सट्टा, गांजा, अफीम, चरस, नशीली दवाइयों और अवैध शराब के कारोबार की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों का आरोप है कि लगातार कार्रवाई के बावजूद यह नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है।
गली-गली तक पहुंचा अवैध कारोबार
बताया जा रहा है कि राजधानी का शायद ही कोई इलाका ऐसा बचा हो, जहां सट्टा और नशे का कारोबार पूरी तरह खत्म हुआ हो। आरोप है कि कुछ स्थानों पर दिनदहाड़े भी सट्टा संचालित किया जा रहा है, जबकि नशीले पदार्थों की आपूर्ति भी लगातार जारी है।
महिलाओं और बच्चों के इस्तेमाल का आरोप
स्थानीय लोगों का दावा है कि अब कुछ असामाजिक तत्व अपने अवैध कारोबार में महिलाओं और बच्चों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे पुलिस कार्रवाई से बचा जा सके। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप
लोगों का कहना है कि पुलिस बड़े मामलों में कार्रवाई करती है, लेकिन मोहल्लों में सक्रिय छोटे सटोरियों और नशा तस्करों पर अपेक्षित सख्ती नहीं दिख रही। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के कारण कई आरोपी कार्रवाई से बच जाते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीआईपी रोड और होटलों पर भी उठे सवाल
शिकायतों के अनुसार, वीआईपी रोड सहित कुछ अन्य क्षेत्रों के होटलों में भी नशे के कारोबार के संचालन की आशंका जताई जा रही है। समाजसेवियों ने इन स्थानों पर नियमित जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
कालीबाड़ी चौक क्षेत्र का भी हुआ उल्लेख
स्थानीय लोगों ने कालीबाड़ी चौक स्थित सुलभ शौचालय के सामने खाली मैदान में सट्टा, जुआ, गांजा, अवैध शराब और नशीली दवाइयों की बिक्री होने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
पुलिस लगातार कर रही कार्रवाई
पुलिस समय-समय पर सट्टा, नशाखोरी और अवैध शराब के खिलाफ छापेमार कार्रवाई करती रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी हैं। वहीं नागरिकों और समाजसेवियों ने मांग की है कि कार्रवाई केवल छापेमारी तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए ठोस और सतत अभियान चलाया जाए।








