सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कमिश्नरेट व्यवस्था को लेकर गृहमंत्री को लिखा पत्र, पूरे जिले में लागू करने की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार सामने आ रही हत्या की वारदातों ने कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बावजूद महज एक सप्ताह के भीतर करीब 6 हत्या के मामले सामने आने से राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अपराधियों में नहीं दिख रहा पुलिस का खौफ?
लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या राजधानी में अपराधियों के बीच पुलिस का पर्याप्त खौफ नहीं है। हाल ही में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की मौजूदा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कमिश्नरेट सिस्टम को और अधिक अधिकार और संसाधन दिए जाने की जरूरत है।
‘अफसर ज्यादा, जवान कम’ का मुद्दा
बृजमोहन अग्रवाल के मुताबिक मौजूदा कमिश्नरेट व्यवस्था में अफसरों की संख्या अधिक है, जबकि जमीनी स्तर पर काम करने वाले पुलिस जवानों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। ऐसे में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभालने में पुलिस के सामने चुनौतियां बढ़ रही हैं।
पूरे रायपुर जिले में कमिश्नरेट लागू करने की मांग
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस संबंध में गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर पूरे रायपुर जिले में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उनका तर्क है कि व्यापक क्षेत्र में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने और पुलिस को पर्याप्त अधिकार व बल मिलने से अपराधियों पर कार्रवाई और कानून व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिल सकती है।








