अभिभावकों की हुई काउंसलिंग, बच्चों को दोबारा वाहन नहीं देने की दी गई समझाइश
रायपुर। राजधानी रायपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात पुलिस ने नाबालिग वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर की गई जांच के दौरान 61 नाबालिग छात्र-छात्राएं बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया और अन्य वाहन चलाते हुए पकड़े गए। कार्रवाई के बाद सभी बच्चों के अभिभावकों को बुलाकर काउंसलिंग की गई और भविष्य में बच्चों को वाहन नहीं देने की हिदायत दी गई।

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर में पुलिस उपायुक्त (यातायात) डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में यह विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत यातायात पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के प्रमुख स्कूलों के बाहर पहुंचकर वाहनों की जांच की। जांच के दौरान कई नाबालिग छात्र बिना लाइसेंस वाहन चलाते पाए गए, जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।

इसके बाद सभी अभिभावकों को यातायात मुख्यालय कालीबाड़ी में आयोजित काउंसलिंग कार्यक्रम में बुलाया गया। कार्यक्रम में डॉ. अर्चना झा ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य बच्चों या उनके परिवारों को परेशान करना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन चलाने के लिए न दें, क्योंकि कम उम्र और अनुभव की कमी के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए इस तरह के विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने अभिभावकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी परिवार और समाज दोनों की है।







