दस्तावेजों के दम पर करोड़ों की लड़ाई
रायपुर|छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी जमीन अधिग्रहण पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 10वीं पास एक किसान ने दावा किया है कि जिस जमीन पर आज रायपुर एयरपोर्ट बना है, वह उसके पूर्वजों की पुश्तैनी जमीन है। किसान का कहना है कि उसके पास ऐसे दस्तावेज हैं जिनमें जमीन का मालिकाना हक उसके परिवार के नाम दर्ज है। इस पूरे मामले में अब सुप्रीम कोर्ट में करीब 3,500 करोड़ रुपये का दावा पेश किया गया है।
पूर्वजों के नाम पर दर्ज जमीन का दावा
किसान का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड और पुराने दस्तावेज साफ बताते हैं कि संबंधित जमीन उसके पूर्वजों की थी। उसका आरोप है कि वर्षों पहले अधिग्रहण की प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुईं और परिवार को उसका उचित अधिकार नहीं मिला। अब वह कानूनी दस्तावेजों के आधार पर न्याय की मांग कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में 3,500 करोड़ का दावा
मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच चुका है। किसान ने सुप्रीम कोर्ट में लगभग 3,500 करोड़ रुपये के मुआवजे और अपने अधिकारों की मांग करते हुए याचिका दायर की है। इस केस का फैसला न सिर्फ इस परिवार बल्कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े कई अन्य मामलों पर भी असर डाल सकता है।
फैसले पर टिकी सबकी नजर
यदि किसान के दावों और दस्तावेजों को अदालत में सही माना जाता है, तो यह मामला देश के सबसे चर्चित भूमि विवादों में शामिल हो सकता है। फिलहाल सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आने वाले फैसले पर टिकी हुई है।











