अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे अतिथि शिक्षक
दुर्ग| छत्तीसगढ़ के दुर्ग में अतिथि शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलन में शामिल शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें अब तक नियमित कर्मचारियों जैसा सम्मान और सुविधाएं नहीं मिली हैं। इस हड़ताल का असर सरकारी स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
20 हजार मानदेय में परिवार चलाना मुश्किल
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि उन्हें केवल ₹20 हजार मानदेय मिलता है, जबकि इसी राशि में परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और महंगाई का सामना करना बेहद कठिन हो गया है। उनका कहना है कि वे वर्षों से पूरी जिम्मेदारी के साथ पढ़ा रहे हैं, फिर भी उन्हें समान कार्य के बदले समान वेतन नहीं मिल रहा।
संविलियन और समान वेतन की मांग
अतिथि शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि उनका संविलियन (नियमितीकरण) किया जाए और नियमित शिक्षकों की तरह समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए। उनका आरोप है कि कई बार सरकार और शिक्षा विभाग के सामने मांग रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
सरकार से आर-पार की चेतावनी
आंदोलनकारी शिक्षकों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि वे वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे हैं, इसलिए अब उनके भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
पढ़ाई पर पड़ सकता है असर
प्रदेशभर में बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक हड़ताल में शामिल हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है। अब सभी की नजर सरकार और शिक्षकों के बीच होने वाली संभावित बातचीत पर टिकी हुई है।












