Bilaspur: फोन टैपिंग से जुटाए गए सबूतों की वैधता पर हाईकोर्ट सख्त, CBI से मांगा जवाब

Spread the love


‘श्री रविशंकर जी महाराज बनाम CBI’ मामले में दूरसंचार नियमों की वैधता पर उठे सवाल

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ‘श्री रविशंकर जी महाराज बनाम सीबीआई’ मामले में फोन इंटरसेप्शन (कॉल रिकॉर्डिंग और फोन टैपिंग) से जुड़े कानूनी पहलुओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों से शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

नए दूरसंचार नियमों के तहत सबूतों की वैधता को चुनौती

याचिका में नए दूरसंचार नियम, 2024 के तहत फोन टैपिंग के जरिए एकत्र किए गए साक्ष्यों की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनु शर्मा ने दलील दी कि दूरसंचार नियम, 2024 के नियम 3(3)(b) के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी फोन इंटरसेप्शन आदेश को सात कार्य दिवसों के भीतर रिव्यू कमेटी के समक्ष पुष्टि के लिए रखा जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर रिव्यू कमेटी इसकी पुष्टि नहीं करती है, तो आदेश स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है। ऐसी स्थिति में उस अवधि के बाद फोन टैपिंग से प्राप्त साक्ष्यों को ट्रायल कोर्ट द्वारा विचार में नहीं लिया जा सकता।

28 जून 2025 के आदेश पर उठे कानूनी प्रश्न

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने 28 जून 2025 को जारी इंटरसेप्शन आदेश का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इसकी वैधानिक समीक्षा और पुष्टि से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने इस संबंध में मद्रास हाईकोर्ट के चर्चित फैसले ‘द डायरेक्टर, CBI बनाम पी. किशोर’ का भी हवाला दिया।

हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्ट शपथ पत्र

डिवीजन बेंच ने पाया कि मूल याचिका में 28 जून 2025 के इंटरसेप्शन आदेश को सीधे चुनौती नहीं दी गई थी। बाद में एक अंतरिम आवेदन के जरिए अतिरिक्त आधार जोड़ने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन नए नियमों के कथित उल्लंघन का उल्लेख स्पष्ट रूप से लिखित रूप में नहीं था।
इस पर अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से रखी गई सभी दलीलों को शामिल करते हुए 24 घंटे के भीतर एक स्पष्ट और विस्तृत शपथ पत्र दाखिल किया जाए। साथ ही उसकी प्रति CBI के अधिवक्ता वैभव ए. गोवर्धन को भी उपलब्ध कराई जाए।

CBI को 24 जून तक जवाब देने का निर्देश

हाईकोर्ट ने CBI को भी सक्षम अधिकारी के माध्यम से 24 जून 2026 तक अपना जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 जून 2026 को निर्धारित की गई है। इस सुनवाई पर अब कानूनी विशेषज्ञों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसका प्रभाव फोन इंटरसेप्शन और उससे जुड़े साक्ष्यों की स्वीकार्यता पर पड़ सकता है।

  • Related Posts

    रायपुर में होटल-लॉजों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 89 ठहराव स्थलों की हुई सघन जांच

    Spread the love

    Spread the love कानून-व्यवस्था मजबूत करने चलाया विशेष अभियान, होटल रजिस्टर से लेकर सीसीटीवी और पहचान पत्रों की हुई जांच रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराधों की रोकथाम और कानून-व्यवस्था को…

    Read more

    सरगुजा में बैंक, एटीएम और ज्वेलर्स दुकानों की सुरक्षा जांच, संदिग्धों पर पुलिस की कड़ी नजर

    Spread the love

    Spread the love डीआईजी-एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर जिलेभर में चला औचक निरीक्षण अभियान, सुरक्षा व्यवस्था की हुई समीक्षा सरगुजा। जिले में ज्वेलर्स दुकानों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों…

    Read more

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    पत्नी ने चचेरे भाई संग रची पति की हत्या की साजिश, 24 घंटे में पुलिस ने किया सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा

    पत्नी ने चचेरे भाई संग रची पति की हत्या की साजिश, 24 घंटे में पुलिस ने किया सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा

    महादेव ऐप मामला: सौरभ चंद्राकर के खिलाफ फिर जारी हुआ ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट, प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज

    महादेव ऐप मामला: सौरभ चंद्राकर के खिलाफ फिर जारी हुआ ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट, प्रत्यर्पण प्रक्रिया तेज

    साइबर ठगी की रकम से खरीदे सोने के सिक्के, रायपुर पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा

    साइबर ठगी की रकम से खरीदे सोने के सिक्के, रायपुर पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा

    रायपुर में होटल-लॉजों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 89 ठहराव स्थलों की हुई सघन जांच

    रायपुर में होटल-लॉजों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 89 ठहराव स्थलों की हुई सघन जांच

    कांकेर में मलेरिया से दो बच्चों की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की विस्तृत जानकारी

    कांकेर में मलेरिया से दो बच्चों की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की विस्तृत जानकारी

    लातनाला हादसा: कलेक्टर और एसपी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, सर्च ऑपरेशन तेज करने के निर्देश

    लातनाला हादसा: कलेक्टर और एसपी ने घटनास्थल का किया निरीक्षण, सर्च ऑपरेशन तेज करने के निर्देश