जयरामनगर के पास कोच में मिला संदिग्ध लाल बैग
Bilaspur। शालीमार एक्सप्रेस के एसी कोच में लावारिस हालत में मिले एक बैग से करीब 5.50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी और अन्य आभूषण बरामद किए गए। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते यह कीमती सामान सुरक्षित रूप से उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचा दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 14 जून को ट्रेन संख्या 18029 कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस के बी-4 एसी कोच में कोच अटेंडेंट को जयरामनगर के पास गेट के समीप एक लाल रंग का लावारिस बैग दिखाई दिया। संदिग्ध बैग मिलने पर तुरंत इसकी सूचना आरपीएफ बिलासपुर पोस्ट को दी गई।
RPF ने तुरंत शुरू की जांच, बैग में मिले कीमती आभूषण
सूचना मिलते ही आरपीएफ के आरक्षक शुभांकर दास और पी.एल. मीना मौके पर पहुंचे और बैग को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बैग के अंदर कपड़ों के साथ एक छोटा बैग मिला, जिसमें सोने, चांदी और कृत्रिम आभूषण रखे हुए थे। जांच के बाद इसकी अनुमानित कीमत लगभग 5.50 लाख रुपये आंकी गई।इसके बाद आरपीएफ ने ट्रेन में यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन शुरुआत में बैग के मालिक की पहचान नहीं हो सकी।
महिला यात्री ने की पहचान, परिजनों ने पोस्ट पर किया दावा
कुछ समय बाद एक महिला यात्री ने अपना बैग खोने की सूचना दी। पूछताछ में उसकी पहचान भाटापारा निवासी सरला यादव के रूप में हुई। अगले दिन 15 जून को उनके परिजन संतोष कुमार यादव और शीतला यादव आरपीएफ पोस्ट पहुंचे।
सभी आवश्यक दस्तावेज और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरपीएफ ने बरामद बैग और उसमें रखे लगभग 5.50 लाख रुपये मूल्य के जेवर उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिए।
यात्रियों ने की RPF की सराहना
रेलवे सुरक्षा बल की इस तत्परता और ईमानदार कार्रवाई की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और खोए हुए सामान की बरामदगी के लिए लगातार सतर्कता बढ़ाई जा रही है।
यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाती है, जिसमें समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ा नुकसान टाल दिया गया और कीमती सामान सही हाथों में सुरक्षित लौट सका।








