पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने महंगाई, खाद संकट और बिजली दरों पर सुशासन के दावों पर सवाल उठाए
दुर्ग-भिलाई, 18 जून 2026: छत्तीसगढ़ के पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए अवैध रेत उत्खनन में मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य सरकार के सुशासन के दावों को खोखला करार दिया और आम जनता को परेशान करने वाली महंगाई, खाद्य संकट तथा बढ़ती बिजली दरों पर गंभीर सवाल उठाए।
पूर्व मंत्री का तीखा हमला
ताम्रध्वज साहू ने कहा कि प्रदेश में आम जनता महंगाई, अव्यवस्था और प्रशासनिक विफलताओं का सामना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध रेत खनन के मामलों में सत्ताधारी भाजपा की मिलीभगत है, जिससे न केवल राजस्व की हानि हो रही है बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।पूर्व गृह मंत्री ने कहा, “सरकार सुशासन की बात करती है, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जनता महंगाई से त्रस्त है, खाद की कमी से किसान परेशान हैं और बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी से आम आदमी का बजट बिगड़ रहा है।”
विपक्ष का सरकार पर दबाव
यह आरोप ऐसे समय में सामने आया है जब छत्तीसगढ़ में विपक्षी दलों द्वारा भाजपा सरकार की नीतियों की लगातार आलोचना की जा रही है। ताम्रध्वज साहू ने मांग की कि अवैध रेत उत्खनन के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जनता को राहत देने के बजाय सरकार केवल प्रचार पर ध्यान दे रही है।
जनता की प्रमुख समस्याएं
- महंगाई का बोझ: दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
- खाद संकट: किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है।
- बिजली दरें: घरेलू और कृषि बिजली पर बढ़े हुए बिल लोगों को परेशान कर रहे हैं।
ताम्रध्वज साहू के इन आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।








