जिला अस्पताल से बिलासपुर रेफर के दौरान रास्ते में हुआ प्रसव, EMT की सूझबूझ से जच्चा-बच्चा सुरक्षित
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में 108 संजीवनी एम्बुलेंस एक बार फिर जीवनदायिनी साबित हुई। ग्राम करजा निवासी गर्भवती महिला गोमती को प्रसव पीड़ा होने पर पहले जिला अस्पताल GPM में भर्ती कराया गया था, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सिम्स (CIMS) बिलासपुर रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, करजा (गौरेला) निवासी 28 वर्षीय गोमती, पति संदीप को प्रसव पीड़ा के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि प्रसव में रुकावट है और स्थिति सामान्य रूप से आगे नहीं बढ़ रही थी। साथ ही अस्पताल में एनेस्थीसिया डॉक्टर उपलब्ध न होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया।
परिजन महिला को डायल 108 एम्बुलेंस के माध्यम से बिलासपुर ले जा रहे थे, लेकिन जैसे ही एम्बुलेंस कोनी (बिलासपुर) के पास पहुंची, महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई और स्थिति गंभीर हो गई।
ऐसे नाजुक हालात में ड्यूटी पर तैनात ईएमटी चंद्रिका प्रसाद ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए एम्बुलेंस को रोक दिया। उन्होंने बिना देर किए सहायक पायलट शिवशंकर पुरी और साथ मौजूद मितानिन के सहयोग से एम्बुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया।
कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित स्थिति में सिम्स बिलासपुर रवाना किया गया, जहां आगे की देखभाल की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपातकालीन स्थितियों में 108 संजीवनी एम्बुलेंस और उसका स्टाफ लोगों के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं हैं।








