सुसाइड नोट और अहम साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
बलौदाबाजार। जिले में शिक्षिका काजल ठाकुर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक अभिषेक जायसवाल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर शिक्षिका से संबंध बनाए और बाद में शादी से इंकार कर दिया, जिससे मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर शिक्षिका ने आत्महत्या कर ली।
किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला था शव
जानकारी के अनुसार 22 जून 2026 को काजल ठाकुर का शव उसके किराए के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने विस्तृत विवेचना की।
कमरे से मिला सुसाइड नोट और महत्वपूर्ण पर्ची
जांच के दौरान पुलिस को मृतिका के कमरे से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। इनमें एक सुसाइड नोट, दीवार पर चिपकी एक पर्ची और मोबाइल फोन शामिल थे। पर्ची में अंग्रेजी में लिखा था, “मुझे मार डाला गया है”, जिसमें आरोपी अभिषेक जायसवाल का नाम भी दर्ज था।
पुलिस के अनुसार सुसाइड नोट में भी मानसिक प्रताड़ना, धोखा और संबंधों को लेकर गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है।
एक ही स्कूल में थे पदस्थ
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतिका और आरोपी दोनों एक ही स्कूल में कार्यरत थे तथा पास-पास किराए के मकानों में रहते थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। आरोप है कि अभिषेक जायसवाल ने शादी का वादा कर शिक्षिका को अपने प्रेम जाल में फंसाया और पिछले करीब पांच महीनों से उसके साथ संबंध बनाए।
गर्भवती होने के बाद शादी से किया इंकार
जांच के मुताबिक इस दौरान शिक्षिका गर्भवती हो गई। परिजनों का आरोप है कि जब काजल ठाकुर ने आरोपी पर शादी के लिए दबाव बनाया, तो उसने अपने वादे से मुकरते हुए गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। लगातार मानसिक प्रताड़ना और धोखे से परेशान होकर शिक्षिका ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
आरोपी को भेजा गया जेल
मामले में जुटाए गए साक्ष्यों और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक अभिषेक जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मामले की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। मोबाइल फोन, सुसाइड नोट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।







