डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश को माना उचित, ‘आदर्श नियोक्ता’ की भूमिका पर दिया जोर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक एलबी संवर्ग की पेंशन पात्रता और सेवा अवधि की गणना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस मामले में राज्य सरकार की रिट अपील को खारिज कर दिया है।
डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि सिंगल बेंच द्वारा दिया गया आदेश किसी भी प्रकार का न्यायिक अतिक्रमण नहीं है, बल्कि यह शासन को “आदर्श नियोक्ता” की भूमिका निभाते हुए नीतिगत निर्णय लेने का अवसर प्रदान करता है।
यह फैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच द्वारा सुनाया गया। मामले में राज्य सरकार ने सिंगल बेंच के निर्णय को चुनौती देते हुए रिट अपील दायर की थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है।
इस फैसले को शिक्षक एलबी संवर्ग से जुड़े कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उनकी पेंशन पात्रता और सेवा अवधि की गणना से संबंधित स्थिति पर प्रभाव पड़ सकता है।
यह निर्णय न्यायिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है, जिसमें अदालत ने प्रशासनिक नीति और न्यायिक हस्तक्षेप के बीच संतुलन पर स्पष्ट टिप्पणी की है।







