खूनी दस्त की शिकायत पर कराया गया था भर्ती, परिजनों ने इलाज पर उठाए सवाल
खरसिया। खरसिया के सिविल अस्पताल में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां ऑपरेशन के बाद एक युवक की मौत हो जाने से अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। मृतक के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई और जमकर हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल के पास चाय की स्टॉल संचालित करने वाले दो भाइयों में से छोटे भाई ताम्रेश्वर शर्मा की तबीयत कुछ समय पहले खराब हो गई थी। उसे खूनी दस्त की शिकायत थी, जिसके बाद पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य उसे उपचार के लिए खरसिया सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टर ने ऑपरेशन की दी थी सलाह
परिजनों के मुताबिक, सिविल अस्पताल में डॉक्टर विक्रम राठिया ने युवक की जांच की। जांच के बाद डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की आवश्यकता बताई। बेटे की हालत को देखते हुए पिता ने ऑपरेशन के लिए सहमति दे दी। इसके बाद गुरुवार को ताम्रेश्वर शर्मा को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के बाद युवक की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उसे अन्य अस्पताल रेफर करने की तैयारी की गई, लेकिन इसी दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिवार का आरोप है कि अस्पताल में उचित उपचार नहीं दिया गया और लापरवाही के कारण युवक की जान गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नजर
घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। वहीं, पूरे घटनाक्रम को लेकर जांच की बात कही जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद ही युवक की मौत के कारणों और इलाज प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










