जेल में हुई घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सेंट्रल जेल में बंदी की हत्या के मामले ने जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। प्रारंभिक जांच के बाद डीआईजी ने ड्यूटी में लापरवाही मानते हुए चक्करदार जेल प्रहरी को निलंबित कर दिया है।
घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात प्रहरी धरम कोठारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य
बुधवार सुबह करीब 7 बजे सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट फोरेंसिक टीम के साथ जेल पहुंचे। टीम ने ई-1 बैरक का बारीकी से निरीक्षण किया और घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए।
जांच के दौरान कंक्रीट का स्लैब, खून के धब्बे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए गए। इसके साथ ही जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।
घटनाक्रम की विस्तृत जांच जारी
टीआई किशोर केंवट ने घटना से पहले और बाद की पूरी स्थिति का विवरण जुटाया है। उन्होंने संबंधित जेल कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ कर आगे जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायिक जांच की प्रक्रिया शुरू
जांच के तहत ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनूप तिग्गा जेल पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
हालांकि, परिजनों को फुटेज दिखाने की प्रक्रिया प्रस्तावित थी, लेकिन वे देरी का हवाला देते हुए उपस्थित नहीं हो सके। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने जेल अधीक्षक और संबंधित स्टाफ से विस्तृत पूछताछ की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट की पुष्टि
मृतक बंदी नीलू जगत का पोस्टमार्टम सिम्स में डॉक्टरों की टीम द्वारा किया गया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिजन शव लेकर कोटा क्षेत्र के दबनपुर रवाना हो गए।
जांच के हर पहलू पर नजर
प्रशासन और पुलिस दोनों ही इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।










